लखनउ। क्या दुनिया तीसरे विष्व युद्ध के मुहाने पर खडी है। यह एक बडा सवाल मौजूदा समय में सामने आ रहा है। मौजूदा समय में यूक्रेन रूस, ईरान व अमेरिका तथा हूथी व सउदी अरब के बीच युद्ध भडका हुआ है। जिस प्रकार से कई अन्य देष भी अब इन जंगों में कूदने वाले है, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि शीग्र ही तीसरा विष्व युद्ध छिड सकता हे।
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| प्रतिकातामक तस्वीर |
युद्ध की मार से पूरी दुनिया झेल रही हे। महंगाई दिन प्रतिदिन इन युद्धों के चलते बढ रही है। मौजूदा समय में तीन मोर्चे पर युद्ध चल रहा हे। रूस व यूक्रेल के बी, ईरान व अमेरिका के बीच तथा हूथी व सउदी अरब के बीच। इसके अलावा सीरिया समेत कई अन्य देषों में भी अमेरिका, इजराइल वके चलते युद्ध की स्थिति बनी हुई हे। मौजूदा समय में जिस प्रकार के हालात हैं, उसे देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दुनिया तीसरे विष्व युद्ध की तरफ जा रही हे। रूस ने यूरोप पर बडा हमला करने की धमकी दी है। यदि ऐसा होता है, तो यूक्रेन युद्ध तेजी से भडकेगा और इसका दायरा बढेगा।
टमेरिका ईरान युद्ध में कहीं न कहीं ईरान के पीछे रूस व चीन खडा हे। इसके अलावा उत्तरी कोरिया भी अप्रत्यक्ष रूप् से ईरान के ही साथ है। अब जैसा कि सूत्रों की मानें तो कई अरब देष अमेरिका के साथ आने को तैयार है। यदि ऐसा हुआ तो इस युद्ध का भी दायरा बढेगा। उधर सउदी अरब के समर्थन में तुर्की व पाकिस्तान आ गया है। हूथी ने धमकी दी है कि यदि वे साथ आए तो उन पर भी बडा हमला होगा। यदि ऐसा हुआ, तो ज्यादातर देष युद्ध की चपेट में आ जाएंगे। ऐसे में तीसरा विष्व युद्ध तो हो ही जाएगा।
यदि युद्ध का दायरा बढता हे, तो फिर महंगाई की क्या हालत होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता हे।युद्ध भडकने से सीधा असर तेल की आपूर्ति पर पडेगा। जब तेल महंगा होगा, तो अन्य जीवनोपयोगी सामग्रियों के दाम भी बढेंग। ऐसे में सबसे अधिक मार मध्यम वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोरों पर पडेगी।


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