लखनऊ। क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेष कुमार इस्तीफा देंगे। क्या उन पर देशद्रेाह का केस चलेगा। क्या बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, महाराष्ट्र में हुए चुनाव रदृद होंगे। यह एक बडा सवाल खडा हो गया है। बीते दिनों हुए खुलासे के बाद एक तरफ जहां एकजुट विपक्ष पूरी मजबूती से चुनाव आयोग के साथ ही केंद्र सरकार पर हमलावर हो गया है, तो वहीं काकरोच जनता पार्टी भी मैदान में उतर पडी है। इसके संस्थापक अभिजीत दीपक ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। अब देखना यह होगा कि आगामी दिनों में देश की राजनीति किस करवट लेगी।
बीते दिनों एक समाचारपत्र में एसआईआर में की गई गडबडी के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेष कुमार पर विभिन्न प्रकार के आरोप वाली खबर प्रकाषित हुई थी। इसके बाद देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पीछे पूरा विपक्ष एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमलावर हो गया। कथित आरोपों को लेकर न सिर्फ धरना प्रदर्शन बडे पैमाने पर किए जाने की चेतावनी दी, बल्कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में यहां तक कह डाला कि तीन से चार माह में कुछ ऐसे खुलासे सबूत के साथ करने वाले हैं, जो केंद्र सरकार की कुर्सी हिलाकर रख देगी। अब देखना यह होगा कि आगामी दिनों में वह क्या खुलासा करने वाले हैं।
विपक्ष के अलावा काकरोच जनता पार्टी भी मैदान में उतर आई है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त को गदृदार तक कह डाला। इसके साथ ही उन पर देशद्रेाह का केस दर्ज किए जाने की बात कही। साथ ही अल्टीमेटम दिया कि यदि 48 घंटे के अंदर मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस्तीफा नहीं दिया, तो पूरे देश में जंतर मंतर से भी बडा आंदोलन शुरु किया जाएगा। अब यहां यह सवाल उठता है कि क्या ज्ञानेष कुमार के इस्तीफा देने से सबकुछ ठीक हो जाएगा। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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