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Friday, September 25, 2026

ईरान समर्थित यमन क हुथियों को रोका पाकिस्तान व तुर्की, फ्रांस ने भी सऊदी अरब की मदद करने का दिया भरोसा

लखनऊ। ईरान समर्थित यमन के हूथियों पर अब सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान व तुर्की की सेना हमला करेगी। इतना ही नहीं, फ्रांस भी अपनी सेना व एयर डिफेंस सिस्टम सऊदी अरब भेजने की तैयारी में है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि यमन में चल रहा युद्ध विकराल रूप् ले सकता हे। इसके अलावा फ्रांस के सामने आने से अरब देषों में अमेरिका का दबदबा भी कम होने वाला हे। यह भी एक बडा सवाल खडा हो गया है।


यमन में मौजूद हूथी की सेना का हमला सऊदी अरब पर तेजी से बढने लगा है। यमन में सरकारी सेना पर बढते हमले के साथ ही उनके कब्जे से कई महत्वपूर्ण स्थान पर भी हूथियों का कब्जा हो गया है। इसके अलावा लाल सागर से सटे क्षेत्रों पर भी ज्यादातर कब्जा हूथियों का ही है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह सिलसिला इसी प्रकार आगे भी चला, तो हारमूस की तरह ही रेड सी से भी जहाजों का आवागमन कम हो जाएगा। ऐसा होने पर समूची दुनिया पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पडेगा। हूथियों को रोकने के लिए अमेरिका ने पहले ही हाथ खडे कर दिए हैं। कारण यह वह पहले ही हूथियों से हाथ मिला चुका है।


ऐसे में अब सऊदी अरब को हूथियों के हमले से बचाने के लिए मक्का पैक्ट के तहत पाकिस्तान व तुर्की भी यूद्ध के मैदान में कूदने की तैयारी में है। इसके लिए षीघ्र ही तीनों के देषों के सेना के चीफ की बैठक होने जा रही है। इसके बाद तय होगा कि किस प्रकार से हूथियों से निपटा जाए। इतना ही नहीं, फ्रांस ने भी सऊदी अरब की मदद के लिए हााि बढाया हे। फा्रसं के प्रधानमंत्री ने रेड सी के निकट अत्यंत महत्वपूर्ण बंदरगाह पर अपनी सेना भेजने के साथ ही एयर डिफेंस सिस्टम लगाए जाने के लिए हां कर दी है। हालांकि यह भी स्पश्ट किया है कि वह सिर्फ डिफेंस करेगा, युद्ध में नहीं उतरेगा। ऐसे में फ्रांस ने ऐसा कर अमेरिका पर तीखा हमला किया है। फ्रांस के सामने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या मिडिल इस्ट से अमेरिका का दबदबा अब समाप्त होने वाला हे। यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका को बडा झटका लग सकता है।


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