Breaking

Wednesday, September 23, 2026

कहीं भवन जर्जर, तो कहीं बॉउंड्रीवाल ही नहीं,ज़िले के ज़्यादातर परिषदीय स्कूलों में फैली है अव्यसवस्था

 


अम्बेडकरनगर। कहीं जलभराव, तो कहीं रास्ता खराब। कहीं बाउंडीवाॅल नहीं, तो कहीं भवन जर्जर। यह हाल है जिले के परिशदीय स्कूलों का। मौजूदा समय में जिले में 1583 परिशदीय स्कूल संचालित है। इसमें से 226 स्कूल ऐसे हैं, जहां चहारदीवारी नहीं है, तो स्कूल ऐसे हैं, जिनके भवन जर्जर हे। ऐसे में इन तमाम अव्यवस्थाओं के बीच सम्बंधित स्कूलों में पढाई करने को छात्र मजबूर हो रहे हैं।


परिशदीय स्कूलों की दशा में व्यापक सुधार का दावा तो बढ चढकर किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे हे। परिशदीय स्कूलों के प्रति छात्रों व उनके अभिभावकों का रूझान बढाने के लिए कई प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इन सबके बीच स्कूलों में व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा हे। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड रहा हे। सरकारी स्कूलों में फैली अव्यवस्थाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के स्कूलों के भवन बुरी तरह से जर्जर हैं। इनकी सूची तैयार कर षासन को भी भेज दी गई हे।


बताते चलें कि जिले में 1583 परिशदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें से कम्पोजिट स्कूल गदायां, उच्च प्राथमिक विद्यालय बरधाभिउरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरिया सम्मनपुर, प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर बाकरगंज, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिझाऊलिया, अशरफपुर भुआ, प्राथमिक विद्यालय अराजी देवारा समेत 226 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बाउंडीवाॅल नहीं हे। इतना ही नहीं, उच्च प्राथमक विद्यालय बरधाभिउरा का भवन भी जगह जगह जर्जर हे। अराजी देवारा स्थित स्कूल तक जाने वाला मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हे। सरयू नदी का जलस्तर बएने दषा में सम्बंधित स्कूल के मार्ग पर पानी भर जाता हे। इससे छात्रों को पानी से होकर गुजरना पडता है।


इसके अलावा लगभग सौ विद्यालय ऐसे हैं, जहां जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हे। इससे हल्की बारिष होने पर परिसर में जलभराव हो जाता हे। इससे छात्रों को आवागमन में व्यापक दिक्कत का सामना करना पडता हे। सामाजिक कार्यकर्ता अनंतराम वर्मा ने कहा कि सिर्फ दावों से कुछ भला होने वाला नहीं है। इसे जमीनी हकीकत देने के लिए जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी होगी। उधर बीएसए डाॅ पूनम मिश्रा ने बताया कि जर्जर भवन की सूची तैयार कर उसे षासन को भेज दिया है। जिन स्कूलों में बाउंडीवाॅल नहीं है, उसकी भी सूची षासन को भेज दी गई है। छात्रों को बेहतर षिक्षा हासिल करने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पूरी गंभीरता दिखाई जा रही हे।


 

No comments: